मैं दिल से अमीर हूँ बिल गेट्स और उस लड़के की प्रेरक कहानी! Motivation quotes.

 बिल गेट्स और उस लड़के की प्रेरक कहानी



 मैं दिल से अमीर हूँ बिल गेट्स और उस लड़के की प्रेरक कहानी






 क्यों पढ़े - हममें से कई लोग बस इस बात से पीछे हट जाते हैं किसी काम को करने से कि मुझमे वो ताकत नहीं, जिससे कि मैं यह काम कर सकूं। मेरे पास पर्याप्त धन नहीं है जिससे कि मैं सामाजिक सेवा कर सकूं आदि आदि।


 मतलब हम स्वयं को पहले से ही मानसिक तौर पर अयोग्य मान बैठते हैं। अगर आपके मन में भी ऐसे विचार आ बैठते हैं तो इस प्रेरक कहानी से आपकी इस समस्या से आपको मुक्ति मिल जाएगी। उसके बाद आप की भी सोच सफल व्यक्तियों की तरह हो जाएगी। यही तो सफल व्यक्तियों के गुण है कि वे कभी भी मन से हार नहीं मानते, अपनी सोच को छोटी नहीं रखते।


 आइए इस बात को एक प्रेरक कहानी से समझते हैं।



 बिल गेट्स और उस लड़के की प्रेरक कहानी


 दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा - “क्या इस धरती पर आप से भी अमीर कोई है?” बिल गेट्स ने हँसते हुए इसका जवाब दिया -“हाँ, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझ से भी अमीर है।” उत्सुकता भाव से उस व्यक्ति ने पूछा- “कौन?” बिल गेट्स ने बताया - “एक समय में जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, यह उस समय की बात है एक दिन मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था।”


 वहां सुबह-सुबह अखबार देखकर मैंने एक अखबार खरीदना चाहा, पर मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे तो मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया। अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखा तो मैंने खुदरा पैसे ना होने की बात कही। तब उस लड़के ने अखबार देते हुए कहा - “यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ।”


 बात आई-गई कोई तीन माह बाद संयोगयवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर से उतरा और अखबार के लिए इस बार भी मेरे पास सिक्के नहीं थे। उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, मैंने कहा - “मैं यह नहीं ले सकता।” उस लड़के ने कहा - “आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने फायदे से दे रहा हूँ। मुझे कोई नुकसान नहीं होगा।” इस बात पर मैनें अखबार ले लिया।


 उन्‍नीस साल बाद मेरे प्रसिद्धि हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया।


 मैंने पूछा- “क्या तुम मुझे पहचानते हो?”


 लड़के ने भी विनम्रता भरे स्वर में कहा- “आप मिस्टर बिल गेट्स है ।”

 गेट्स ने पूछा- “क्या तुम्हें याद है? कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे।”

 लड़के ने कहा- “जी हाँ, बिल्कुल याद है। ऐसा दो बार हुआ था।”

 गेट्स ने कहा- “मैं तुम्हारे उस किए की कीमत अदा करना चाहता हूँ। तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ भी चाहते हो बताओ” मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा ।


 इस पर लड़के ने कहा- “श्रीमान क्या आप को नहीं लगता कि ऐसा करके भी मेरे उस अखबार की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे।”


 गेट्स ने कहा- “क्यों?”


 लड़के ने इसका जवाब देते हुए कहा- “मैंने जब आपकी मदद की भी थी, तब मैं एक गरीब लड़का था । जो अखबार बेचता था और अब आप मेरी मदद तब कर रहे हैं जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं।” फिर आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे!!!


 बिल गेट्स की नज़र में वह लड़का दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था, क्योंकि किसी की मदद करने के लिए उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था।



 जीवन की सीख


 दोस्तों जरूरी नहीं है कि जब आप धनवान हो तभी किसी की मदद कर सकते हैं। किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का अमीर होना भी बहुत जरूरी है।


 हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक रखो। आप यह सोचे कि हाँ, मैं इस काम को कर सकता हूँ। कम से कम इससे मैं पहले ही तो हार नहीं मानूंगा। उस काम की शुरुआत तो करूंगा। यह बात हमेशा याद रखिए कि


 मन के हारे हार है,

 मन के जीते, जीत।



 यदि मनुष्य के मन में दुर्बलता है तो वह अपने जीवन मैं कभी भी सफल नहीं हो सकता। क्योंकि वह आसान काम को भी करने से घबराएगा। वहीं मजबूत मनःस्थिति वाला व्यक्ति कठिन से कठिन कार्यो को भी हँसते हुए निपटा देगा। वह सफलता के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता जाएगा, जिसकी कोई सीमा नहीं है।




 आपको बस यह करना है


 1. अभी कुछ काम करना है तो खुद से कहो- “हाँ, मैं इस काम को कर सकता हूँ।”

 2. याद रखना हार नहीं माननी है।

 3. एक बार नहीं तो दस बार और सही








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